Aliganj Fire Incident: अलीगंज अग्निकांड के बाद अवैध निर्माण के खिलाफ चल रही कार्रवाई लगातार जारी है। हालांकि, अब तक विवादित भवन का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही हटाया जा सका है। इसी बीच भवन स्वामी के भाई और अधिवक्ता राजेंद्र शुक्ल ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष को पत्र भेजकर पूरे भवन को गिराने के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय देने की मांग की है। एलडीए की ओर से जारी नोटिस की समयसीमा शनिवार को पूरी हो रही है। इसके बाद प्रवर्तन टीम मौके का निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई पर फैसला लेगी। यदि निर्धारित समय में भवन नहीं हटाया गया, तो शेष हिस्से को एलडीए स्वयं ध्वस्त कर सकता है। अवैध निर्माण पर कार्रवाई गौरतलब है कि अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित एमएस-102 भवन में 22 जून को भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि नौ अन्य घायल हुए थे। जांच में सामने आया कि आवासीय नक्शे पर अवैध रूप से व्यावसायिक निर्माण किया गया था। इसके बाद भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ल को जेल में ही नोटिस तामील कराया गया।मामले की सुनवाई 7 जुलाई से एलडीए के विहित न्यायालय में शुरू हुई थी। सुनवाई के दौरान भवन स्वामी ने दो बार जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इसके बाद 10 जुलाई को न्यायालय ने आदेश दिया कि 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाया जाए, अन्यथा एलडीए कार्रवाई करेगा और ध्वस्तीकरण का पूरा खर्च भी भवन स्वामी से वसूला जाएगा। 30 दिन की मोहलत अधिवक्ता राजेंद्र शुक्ल के अनुसार, 20 जुलाई से भवन तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन पुलिस की वजह से एक दिन कार्य प्रभावित रहा। 21 जुलाई से दोबारा ध्वस्तीकरण शुरू हुआ, लेकिन चार दिनों में केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही हटाया जा सका। उन्होंने बताया कि बेसमेंट को बंद कर दिया गया है और तीसरी मंजिल पूरी तरह तोड़ दी गई है। अब शेष निर्माण हटाने के लिए एलडीए से 30 दिन की अतिरिक्त मोहलत मांगी गई है। फिलहाल प्रशासन के अगले फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं। ये भी पढ़ें: ‘मायावती बाहर आओ’ के नारों से गूंजा आवास, 69 हजार शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन